प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की। मच्छार उस घटना में घायल हुए थे, जिसमें उनके सह-पायलट पर दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश का आरोप है।
 

बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार ने प्रधानमंत्री को घटना के बारे में बताया और समझाया कि मुश्किल परिस्थिति में उन्हें किस चीज से हिम्मत मिली। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर सह-पायलट को काबू करने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में 174 लोग सवार थे।

मच्छार ने प्रधानमंत्री से कहा कि मुश्किल समय में वे हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे। उन्होंने बताया कि घायल होने के बावजूद उन्होंने खुद को उठाया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया।
 

प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साहस, सूझबूझ और संयम की सराहना की और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मोदी ने कहा कि देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है और उनके साहस ने कई लोगों की जान बचाने में मदद की।

घटना के बाद फ्लाईदुबई ने इजराइल आने-जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित किया है और मामले की जांच जारी है। कैप्टन मच्छार फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात में उपचार करा रहे हैं।