नई दिल्ली: चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर INDIA ब्लॉक के 19 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त आंदोलन का ऐलान किया है। विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च करेंगे। यह फैसला 30 सितंबर को दिल्ली में हुई 19 दलों की बैठक में लिया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में “सेव डेमोक्रेसी” मार्च और जिला स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके अलावा विपक्षी दल पांच बड़ी रैलियां भी आयोजित करेंगे। 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली प्रस्तावित है।

विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को केंद्र सरकार के प्रभाव में काम करने वाली संस्था बना दिया गया है। उन्होंने भविष्य के चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग भी रखी। ये विपक्ष के आरोप हैं, जिनसे चुनाव आयोग सहमत नहीं है।

पिछले साल अगस्त में भी विपक्षी सांसदों ने कथित “वोट चोरी” के मुद्दे पर चुनाव आयोग तक मार्च किया था। 11 अगस्त 2025 को राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के नेतृत्व में निकले मार्च को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया था और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था।